कहीं दूर बैठा कोई लाइटहाउस कीपर आपके रोज़ के सफर के बारे में पढ़कर सोच रहा होगा, “मैं तो कभी ऐसा न कर पाता।”
और यहाँ मैंने अपने तीन अलग-अलग रिश्तेदारों को अपने काम के बारे में बताया, और तीनों ने उसका गलत मतलब ही समझा।
शायद किसी लाइटहाउस जितनी दूरी से देखने पर हर काम बनावटी ही लगता है।